अगर आपको ‘स्वतंत्रता दिवस’ Independence Day 2023 पर देना हो दमदार भाषण, तो इसे पढ़कर नोट कर लें, सुनते ही रह जाएंगे सुनने वाले

अगर आपको ‘स्वतंत्रता दिवस’ पर देना हो दमदार भाषण, तो इसे पढ़कर नोट कर लें, सुनते ही रह जाएंगे सुनने वाले

नई दिल्ली: इस वर्ष 15 अगस्त को देशभर में 77 वां ‘स्वतंत्रता दिवस'( Independence Day 2023) मनाया जा रहा है। 15 अगस्त 1947, भारत के इतिहास का सबसे खूबसूरत दिन। इस दिन को भारत के इतिहास को स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया। इसी दिन देश के आजाद होने पर भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लाल किले पर झंडा फहराया था।

तभी से प्रत्येक वर्ष देश के प्रधानमंत्री लाल लिखे पर झंडा फहराते है, राष्ट्रगान गाते है और सभी शहीद स्वतंत्रता सेनानियों को 21 तोपों से श्रद्धांजलि दी जाती है। देश के प्रधानमंत्री हर साल देशवासियों को अपने भाषण के द्वारा संबोधित करते है और सेना द्वारा अपना शक्ति प्रदर्शन और परेड मार्च करते है। स्वतंत्रता दिवस के दिन सभी भारतवासियों के मन में देशभक्ति की भावना के साथ-साथ पूर्ण जोश रहता है।

अगर आप भी स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल कॉलेज सरकारी भवन या सोसाइटी में भाषण देना चाहते हैं तो आप सरल भाषा में एक अच्छा भाषण यहां से प्राप्त कर सकते हैं। इस भाषण का उपयोग करके आप स्कूल कॉलेज व अन्य जगहों पर अपने विचार प्रकट कर विजन को सामने रख सकते हैं। आइए जानें इस बारे में-

आदरणीय प्रिंसिपल, टीचर, अतिथिगण एवं मेरे दोस्तों, जैसा कि हम सभी जानते हैं कि आज का दिन हम सभी के लिए बहुत ही खास है और यह खास इसलिए है क्योंकि आज ही के दिन हमारा देश आजाद हुआ था। आज हम सभी मिलकर 77वां स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए एकत्र हुए हैं। आज के दिन हम उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों का नमन करते हैं और उनके प्रति अपना आभार व्यक्त करते हैं जिनके बलिदान के फलस्वरूप आज हम सबसे बड़े लोकतंत्र देश के रूप में उभरकर सामने आये हैं। आज हमारा देश विश्व पटल पर अपने लोकतंत्र की बदौलत शीर्ष पर मौजूद है। इन वीर सपूतों को याद करते हुए मेरे जेहन में एक कविता आई है-

आओ झुककर सलाम करें उन्हें,

जिनकी जिंदगी में मुकाम आया है,

किस कदर खुशनसीब है वो लोग,

जिनका लहू भारत के काम आया है।

हमारे देश की आजादी में न जाने कितने ही लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी इनमें से कुछ प्रमुख महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल, राजगुरु, लाला लाजपत राय, सुभाष चंद्र बोस हैं जिन्हें हम सभी जानते हैं और उनके बलिदान को सराहते हैं लेकिन हमें ध्यान रखना होगा की आजादी के लिए लाखों लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। तो आज हम इन वीर सपूतों के अलावा उन सभी सेनानियों को नमन करते हैं जिन्होंने हमारे देश को आजाद करने में अपनी भूमिका निभाई और अपने प्राणों का बलिदान दिया।

अंत में मैं कहना चाहूंगा कि हमारा देश सोने की चिड़िया था जिसे कई वर्षों तक गुलामी की जंजीर में बांधकर लूटा गया लेकिन हम 15 अगस्त 1947 को आजाद हो गए। लेकिन हम अभी भी कुछ चीजों से आजाद नहीं हुए हैं और वो है जाति, धर्म, महिलाओं की इज्जत करना, दूसरों का आदर करना। तो आइए, हम सब आज शपथ लें कि आगे बढ़कर इन चीजों को अपने समाज से धीरे-धीरे समाप्त करेंगे और सभी धर्मों को समान मानते हुए एक दूसरे की इज्जत करेंगे। महिलाओं के साथ ही सभी का आदर करेंगे ताकि हमारा देश एक बार फिर से सोने की चिड़िया कहला सके। जय हिंद ! जय भारत !

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