महाराष्ट्र : Mumbai में हो सकता है रायगढ़ जैसा लैंडस्लाइड! BMC की रिपोर्ट में ये बड़ा खुलासा

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Pic: Social Media

नई दिल्ली/मुंबई. जहां एक तरफ महाराष्ट्र की राजधानी और महानगर मुंबई में बारिश के दौरान अनेकों बार लैंडस्लाइड की घटना हर साल सामने आती है। वहीं इस लैंडस्लाइड की समस्या से निपटने के लिए BMC व अन्य एजेंसियां पिछले कई साल से प्रयास कर रही हैं, लेकिन अब तक पूरी तरह से सफल नहीं हो पा रही हैं।

देखा जाए तो बीते कुछ सालों में चेंबूर, भांडुप, मालाड, विक्रोली, घाटकोपर, अंधेरी, वडाला सहित मुंबई के अन्य हिस्सों में लैंडस्लाइड की घटना सामने आई है।  आंकड़ों के अनुसार मुंबई में वर्ष 1992 से 2023 के बीच लैंडस्लाइड हादसे में 310 लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए।

क्या हैं लैंडस्लाइड के कारण

वहीं अब बीती कुछ घटनाओं के बाद BMC ने जब सर्वे किया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इस सर्वे में यह बात सामने आई कि, मुंबई में लैंडस्लाइड इसलिए हो रहा है, क्योंकि पहाड़ी इलाकों में रहने वाले नागरिकों ने पहाड़ियों पर जल निकासी के होल और नालियों को अवैध निर्माण कर बंद कर दिया था।

वहीं सुरक्षा दीवार से सटा कर अवैध निर्माण किया गया था। इससे बारिश के दौरान सुरक्षा दीवार के पास जलजमाव हुआ और पहाड़ी के भारी दबाव के चलते यहां लैंडस्लाइड हो गया। वहीं कुछ साल पहले चेंबूर और विक्रोली में ऐसी ही लैंडस्लाइड की घटना में उक्त वजहें पता चलीं। इसीलिए लोगों को पहाड़ियों की ढलान पर जल निकासी के होल और नालियों को भरने से बचने की अपील लगातार भी की जाती रही हैं।

IIT मुंबई का सर्वे

वहीं IIT मुंबई ने साल 2014-15 में मुंबई के पहाड़ी क्षेत्रों का अध्ययन किया था, जहां पहाड़ी खिसकने की पुरजोर आशंका है। वहीं, BMC ने जिऑलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के साथ 74 ऐसे खतरनाक स्थानों का सर्वे किया था। उसमें से 45 स्थानों पर तत्काल सुरक्षा उपाय करने की सिफारिश की गई थी।

मुंबई में 70% पूरी हुई सुरक्षा दीवार 

जानकारी दें कि, तय अनुसार मुंबई में 700 स्थानों पर सुरक्षा दीवार बनने का काम होना था। इसमें से अब तक 550 स्थानों पर दीवार बनाने का काम लगभग पूरा किया जा चुका है। वहीं मात्र 140 स्थानों पर सुरक्षा दीवार बनाने का काम बचा हुआ है। यह जानकारी उपनगर के जिलाधिकारी राजेंद्र भोसले ने दी। इस पर लगभग 125 करोड़ रुपये भी खर्च किए जा रहे हैं।

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