शरद पवार का अजित पवार के रिटायरमेंट वाले बयान पर पलटवार: न टायर्ड हूँ, न रिटायर्ड हूँ, मैं तो फायर हूँ

Ajit pawar and Sharad pawar

File Photo: PTI

मुंबई. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) ने अजित पवार (Ajit Pawar) पर रिटायरमेंट वाले बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि न तो वह टायर्ड है और न तो वह रिटायर्ड हैं। वह फायर है। वह अपनी पार्टी के प्रति समर्पित है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बुधवार को कहा, “शरद पवार को पद छोड़ देना चाहिए और नई पीढ़ी को मौका देना चाहिए।” उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता भी 75 साल की उम्र में रिटायर हो जाते। आप मुझे बताएं, आईएएस अधिकारी 60 साल की उम्र में रिटायर होते हैं। यहां तक ​​कि राजनीति में भी- बीजेपी नेता 75 साल की उम्र में रिटायर होते हैं। आप लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का उदाहरण देख सकते हैं। जिंन्होने नई पीढ़ी को आगे बढ़ने का मौका दिया है”

उपमुख्यमंत्री ने कहा, “आप (शरद पवार) हमें अपना आशीर्वाद दें…आप 83 वर्ष के हैं, क्या आप रुकने वाले नहीं हैं?…हमें अपना आशीर्वाद दें और हम प्रार्थना करेंगे कि आप लंबी उम्र जिएं।”

अजित पवार के इस बयान पर शरद पवार ने शनिवार को पलटवार किया। एनसीपी प्रमुख ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “न मैं टायर्ड हूँ, न रिटायर्ड हूँ, मैं तो फायर हूँ (न थका हूं, न सेवानिवृत्त हुआ हूं)।” मैं अपनी पार्टी के प्रति समर्पित हूँ। वे (अजित पवार) कौन होते हैं मुझे सेवानिवृत्त होने की सलाह देने वाले। मैं अब भी काम कर सकता हूं।” उन्होंने कहा कि सभी बागियों को एनसीपी से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।”

प्रफुल्ल पटेल के इस आरोप के बारे में पूछे जाने पर कि उन्होंने अपनी बेटी सुप्रिया सुले को सारी शक्तियां दे दी हैं? शरद पवार ने कहा, “पार्टी कार्यकर्ता चाहते थे कि सुप्रिया सुले राजनीति में आएं, उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।” पवार ने कहा, “हमने प्रफुल्ल पटेल को 10 साल तक केंद्रीय मंत्री पद दिया। वह लोकसभा चुनाव हार गए, उसके बाद हमने उन्हें राज्यसभा की सीट दी।”

परिवार में उत्तराधिकारी की लड़ाई पर एक सवाल पूछे जाने पर राकांपा अध्यक्ष ने कहा, “मैं इस विषय पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता। मैं परिवार के बाहर परिवार के मुद्दों पर चर्चा करना पसंद नहीं करता।” उन्होंने कहा कि अजित को मंत्री और उपमुख्यमंत्री बनाया गया था, लेकिन उनकी बेटी सुप्रिया सुले को कोई मंत्री पद नहीं दिया गया था, जबकि ऐसा किया जा सकता था। शरद पवार ने कहा कि जब भी राकांपा को केंद्र में मंत्री पद मिला, तो यह दूसरों को दिया गया, न कि सुप्रिया को, जबकि वह सांसद रही हैं।

गौरतलब है कि 2 जुलाई को एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने पार्टी में विभाजन का नेतृत्व करते हुए सत्तारूढ़ सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। अजित पवार के अलावा छगन भुजबल और हसन मुशरिफ समेत राकांपा के आठ अन्य विधायकों ने भी शिंदे सरकार में मंत्री पद की शपथ ली। अजित पवार गुट ने दावा किया है कि पार्टी के कुल 53 विधायकों में से 40 विधायकों का उन्हें समर्थन प्राप्त है। इसके बाद अजित पवार ने 5 जुलाई को शक्ति प्रदर्शन किया था। इस दौरान उन्हें मात्र 31 विधायकों का ही समर्थन मिला था। (एजेंसी इनपुट के साथ)

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