टमाटर की कीमतों में राहत नहीं, जानें किस शहर में क्या है दाम?

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नई दिल्ली/मुंबई: टमाटर की बढ़ी कीमत में देश का पूरा शहर चपेटे में हैं। सभी शहरों में ये  अलग- अलग कीमतों में टमाटर बिक रहा है। अगर कुछ  शहरों  को छोड़ दें तो टमाटर के भाव 100 रुपये प्रति किलो से लेकर 150 रुपये प्रति किलो है। आइये देखते हैं टमाटर का किस शहर में कितना कीमत है।

इन शहरों में टमाटर की कीमत  है 100 के पार

शहर  टमाटर की कीमत  रुपये प्रति किलोग्राम (Rs/kg)
मुबंई         120 रुपये/किलोग्राम
दिल्ली          123रुपये/किलोग्राम
लखनऊ           147 रुपये/किलोग्राम
चेन्नई           105 रुपये/किलोग्राम
रायपुर           120रुपये/किलोग्राम
कोलकाता           155 रुपये/किलोग्राम
गुरुग्राम            140 रुपये/किलोग्राम
अगरतला            110 रुपये/किलोग्राम
जम्मू और कश्मीर            107 रुपये/ किलोग्राम
ईटानगर            100 रुपये/किलोग्राम
चेन्नई            105 रुपये/ किलोग्राम
पणजी            110 रुपये/किलोग्राम
 रूद्र पुर            113 रुपये/किलोग्राम
गंगोटक            120 रुपये/ किलोग्राम
अहमदाबाद            100 रुपये/ किलोग्राम

इन शहरों में टमाटर के भाव 100 से कम

शहर टमाटर की कीमत  रुपये प्रति किलोग्राम (Rs/kg)
चंडीगढ़        79  रुपये प्रति किलोग्राम
अमृतसर        93 रुपये प्रति किलोग्राम
हैदराबाद          98 रुपये प्रति किलोग्राम
बेंगलुरू          90  रुपये प्रति किलोग्राम
भोपाल         90  रुपये प्रति किलोग्राम
गुहाटी          90  रुपये प्रति किलोग्राम

भारत में टमाटर के मूल्य में वृद्धि के कई कारण हैं। यहां कुछ सामान्य कारण दिए गए हैं:

1. मौसमिक परिवर्तन: टमाटर पूर्ण रूप से मौसमी फसल हैं, और इनके मूल्य आपूर्ति और मांग के आधार पर बड़े अंतर से बदल सकते हैं। बागवानी ऑफ सीज़न या कम उत्पादन के समय में, उपलब्धता की सीमितता के कारण मूल्यों में वृद्धि होती है।

2. फसलों के रोग और कीट: टमाटर की फसलों में रोग और कीटों की प्रकोप से उत्पन्न होने वाली समस्याएं पैदा हो सकती हैं, जिसके परिणामस्वरूप उत्पादन में कमी होती है और आपूर्ति कम होती है। यह कमी टमाटर के मूल्य में वृद्धि कर सकती है।

3. परिवहन और संग्रह लागत: टमाटर को अपने उच्च अपघर्षण के कारण सावधानीपूर्वक हैंडल करने और संग्रहित करने की आवश्यकता होती है। परिवहन, ठंडे संग्रहण सुविधाओं और लॉजिस्टिक्स के साथ जुड़े खर्च टमाटर के मूल्य में वृद्धि कर सकते हैं।

4. बाजार में स्पेकुलेशन और बिचोलिये: कभी-कभी, बाजार में स्पेकुलेशन और बिचोलियो की शामिलता मूल्य के अस्थिरता में वृद्धि कर सकती है। बिचोलिये लोग मुनाफा बढ़ाने के लिए मूल्यों को बढ़ा सकते हैं, खासकर जहां सीधे किसान-उपभोक्ता संपर्क की कमी होती है।

5. निर्यात और आयात की गतिविधियाँ: टमाटर के निर्यात और आयात देशी मूल्यों पर प्रभाव डाल सकते हैं। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में टमाटर की अधिक मांग होती है, तो यह घटकता आपूर्ति की कमी का कारण बन सकती है, जिससे मूल्यों में वृद्धि होती है।

6. मौसमी परिस्थितियाँ: बारिश, सूखा, या अत्यधिक तापमान जैसे प्रतिकूल स्थितियां टमाटर के उत्पादन को नकारात्मकता से प्रभावित कर सकते हैं। इन मौसमी घटनाओं से फसल की क्षति हो सकती है, उत्पादन कम हो सकता है, जिससे मूल्यों में वृद्धि होती है।

7. सरकारी नीतियाँ और विनियमन: सरकारी नीतियों के बदलने के साथ, जैसे कि निर्यात प्रतिबंध या आयात शुल्क, टमाटर की उपलब्धता और मूल्यों पर प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा, करों या उपकरों के प्रवर्तन के कारण भी बाजार में मूल्यों को प्रभावित किया जा सकता है।

यह ध्यान देने योग्य है कि ये कारण एक दूसरे के साथ काम कर सकते हैं और विभिन्न क्षेत्रों और समय के आधार पर भिन्न हो सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप टमाटर के बाजार मूल्य में उछाल आती है।

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