उत्तर भारत में बारिश का कहर जारी, उफान पर हैं नदियां, हिमाचल में सबसे ज्यादा असर; PM मोदी ने लिया हालात का जायजा

PM Modi

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नई दिल्ली: उत्तर भारत में मूसलाधार बारिश के कहर के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों से बात कर स्थिति का जायजा लिया जबकि कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने बारिश प्रभावित राज्यों के लिए पीएम केयर्स फंड से राहत की मांग की। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शहर में मूसलाधार बारिश के कारण हुए जलभराव और यमुना के बढ़ते जल स्तर पर चर्चा करने के लिए एक बैठक की। उत्तर भारत में दिल्ली में यमुना सहित कई नदियां उफान पर हैं। क्षेत्र के शहरों और कस्बों में कई सड़कें और आवासीय इलाके घुटने तक पानी में डूब गए हैं। रविवार को रिकॉर्ड बारिश के कारण नगर निकाय भी स्थिति सुधारने में असहाय नजर आया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों में अत्याधिक बारिश से पैदा हुई स्थिति की समीक्षा की।

पीएमओ ने कहा, ‘‘स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें प्रभावित लोगों की कुशल-क्षेम सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही हैं।” हिमाचल प्रदेश के मनाली में फंसे 20 लोगों को बचा लिया गया लेकिन पहाड़ी राज्य के विभिन्न हिस्सों में करीब 300 अन्य लोग फंसे हुए हैं। राज्य में भारी बारिश के बाद भूस्खलन, घरों को नुकसान पहुंचने और कई लोगों की मौत होने के एक दिन बाद मौसम विभाग ने सोमवार को ‘अत्यंत भारी बारिश’ के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। अधिकारियों ने बताया कि यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल शिमला-कालका मार्ग पर रेल परिचालन मंगलवार तक के लिए रोक दिया गया है क्योंकि भूस्खलन के कारण कई स्थानों पर मार्ग अवरुद्ध हो गया है जबकि राज्य भर में शैक्षणिक संस्थानों को सोमवार और मंगलवार को बंद रखने का आदेश दिया गया है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार सुबह जारी एक वीडियो में लोगों से अपील की कि वे भारी बारिश में घरों से बाहर निकलने से बचें, खासकर नदियों और नालों के पास, और अगले 24 घंटों के लिए सतर्क रहें क्योंकि मौसम विभाग ने भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है। उन्होंने सभी विधायकों से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में रहने और संकट की इस घड़ी में लोगों की मदद करने के लिए भी कहा। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने मूसलाधार बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश और उत्तर भारत के कुछ अन्य राज्यों में हुए जान माल के नुकसान पर दुख जताया और केन्द्र सरकार से आग्रह किया कि ‘‘पीएम केयर” कोष से अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान की जानी चाहिए।

खरगे ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से फोन पर बात भी की और प्रभावित राज्यों के पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि वे राहत एवं बचाव कार्य में अपना योगदान दें। खरगे ने ट्वीट किया, ‘‘उत्तर भारत के राज्यों में बेतहाशा बारिश के कारण कई लोगों की मृत्यु दुखद व पीड़ादायक है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से बात हुई। राज्य में राहत कार्यों में तेज़ी आई है और मूसलाधार बारिश से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के लिए, ख़राब मौसम के बावजूद हरसंभव प्रयास जारी हैं।” उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम बचाव कार्य कर रही हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पीड़ितों को उचित मुआवज़ा दिया जाएगा और जान-माल का जो नुक़सान हुआ है, उसकी भरपाई के लिए हर संभव मदद मिलेगी।  उन्होंने बताया, ‘‘सभी कांग्रेस विधायकों को हमने निर्देश दिए हैं कि अपने क्षेत्र में प्रभावित लोगों की हर प्रकार से मदद करें। सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि वह सहायता में अपना योगदान दें। ” खरगे ने कहा, ‘‘केन्द्र सरकार से आग्रह है कि हिमाचल प्रदेश समेत अन्य राज्यों के लिए पीएम केयर फंड से एक अतिरिक्त राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। इस मुश्किल समय में हम प्रभावित लोगों के साथ है।”

केजरीवाल द्वारा बुलाई गई बैठक दिल्ली सचिवालय में आयोजित की गई थी। इसमें सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग और दिल्ली नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। लगातार बारिश के बीच हरियाणा द्वारा हथनीकुंड बैराज से नदी में और पानी छोड़े जाने के बाद दिल्ली में यमुना खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। राष्ट्रीय राजधानी में प्रगति मैदान सुरंग पर जलभराव के कारण जाम लगने के कारण इसे सोमवार को यातायात के लिए बंद कर दिया गया। पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में सोमवार को लगातार तीसरे दिन बारिश हुई और अधिकारी संकट के समय में सबसे अधिक प्रभावित स्थानों पर लोगों तक पहुंचने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में सुबह से बारिश हो रही है।

अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण उत्पन्न मौजूदा स्थिति को देखते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिन के लिए अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों को रद्द कर दिया और गृह, आपदा प्रबंधन और शहरी स्थानीय निकायों सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई। पंजाब का पटियाला जिला मानसून की भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसी स्थिति से जूझ रहा है और अधिकारियों ने बढ़ते संकट से निपटने के लिए सेना की सहायता मांगी है। अधिकारियों ने बताया कि यहां राजपुरा थर्मल पावर प्लांट के परिसर में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे इसकी 700 मेगावाट की एक इकाई बंद हो गई।

अधिकारियों ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों को राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैनात किया है। अधिकारियों ने बताया कि राजपुरा कस्बे में सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर में दरार आने के बाद पानी भर जाने पर पटियाला जिला प्रशासन ने सेना की सहायता मांगी थी। उन्होंने बताया कि सेना की मदद से जिले के एक निजी विश्वविद्यालय के 800 छात्रों को सफलतापूर्वक बचाया गया। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में भेड़ाघाट के पास उफनती नर्मदा नदी में एक टापू पर फंसे चार लोगों को एनडीआरएफ ने 13 घंटे से अधिक समय के अभियान के बाद बचाया। ऊपरी इलाकों में भारी बारिश के कारण नर्मदा नदी के स्तर में अचानक वृद्धि के बाद वे लोग टापू पर फंस गए थे। (एजेंसी)

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